पिछले सप्ताह 1.7 करोड़ इक्विटी शेयर आवंटित करने के बाद फूड एग्रीगेटर स्विगी ने अब अपनी कर्मचारी शेयर विकल्प योजना (ईसॉप) 2021 के तहत 8.64 लाख से ज्यादा इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं। कंपनी ने कहा कि वित्त और सामान्य प्रबंधन समिति ने शेयरों के आवंटन को हरी झंडी दे दी है। कंपनी ने आज […]
Kanneda trailer out: नई टीवी सीरीज कन्नेडा का हाल ही में ट्रेलर रिलीज हो गया है. सीरीज म्यूजिक, फाइनेंस और अराजकता में विस्फोटों को दर्शाती है. कहानी में निम्मा यानी परमिश को आपराधिक अंडरवर्ल्ड में धकेल दिया जाता है. यह सीरीज नाटकीय मोड़, चौंकाने वाले एक्शन और आश्चर्य से भरी हुई है.
उज्जैन के दशहरा मैदान पर 125 दिवसीय विक्रमोत्सव 2025 का शुभारंभ शिवरात्रि के मौके पर हुआ। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि उज्जैन प्राचीन काल से कालगणना का प्रमुख केंद्र रहा है। पिछले वर्ष यहां विश्व की पहली वैदिक घड़ी स्थापित की गई। यह घड़ी भारतीय कालगणना की समृद्ध परंपरा को पुनर्जीवित करने का प्रयास है। इसी क्रम में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का एप भी लॉन्च किया गया है। यह एप 180 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से वैदिक घड़ी को संसद भवन में स्थापित करने का अनुरोध किया। कार्यक्रम में 51 प्रमुख महाशिवरात्रि मेलों का समारंभ किया गया। साथ ही उज्जयिनी विक्रम व्यापार मेला और सिंहस्थ 2028 की अवधारणा का लोकार्पण भी हुआ। समारोह में पद्मश्री आनंदन शिवमणि और प्रसिद्ध भजन गायक हंसराज रघुवंशी का सम्मान किया गया। महापौर मुकेश टटवाल और निगम अध्यक्ष कलावती यादव भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने समारोह की रूपरेखा प्रस्तुत की और कार्यक्रम का संचालन दिनेश दिग्गज ने किया। विक्रमादित्य इस देश के लोकमान्य नायक शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भगवान महाकाल की पवित्र भूमि उज्जैन अनादि काल से आध्यात्म और सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र रही है। भारत में भगवान श्रीराम व युगावतार भगवान श्रीकृष्ण के बाद यदि कोई लोकमान्य नायक हुए है तो वे उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य ही थे। जिन्होंने सनातन धर्म की रक्षा की। सम्राट विक्रमादित्य को पहला स्वतंत्रता सेनानी कहना गलत न होगा। जिन्होंने दुर्दांत विदेशी आक्रांताओं को निर्णायक रूप से पराजित करने का पराक्रम किया था और उसके बाद विक्रम सम्वत् का प्रवर्तन किया। आज भी देश और दुनिया में सम्राट विक्रमादित्य के शौयज, न्याय, पराक्रम, ज्ञान, विज्ञान, पुरातत्व, साहित्य, आध्यात्म आदि क्षेत्रों में किए गए महत्वपूर्ण कार्यों का स्मरण किया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शासकीय कैलेंडर में विक्रम सम्वत को अंगीकार किया है। ऐसा करने वाला मध्यप्रदेश भारत का पहला राज्य है। अन्य राज्यों को भी इससे प्रेरणा लेना चाहिए। जिम्बाब्वे के मंत्री ने दी विक्रमोत्सव की शुभकामनाएं कार्यक्रम में जिम्बाब्वे के मंत्री राज मोदी भी उपस्थित थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उज्जैन मैं पहली बार आया हूं। यहां आकर मुझे बहुत प्रसन्नता हुई। उन्होंने विक्रमोत्सव के सफलतापूर्वक सम्पन्न होने के लिए शुभकामनाएं दी। शिव आराधना से गुंजायमान हुआ विक्रमोत्सव शुभारंभ अवसर पर पद्मश्री आनंदन शिवमणि व हंसराज रघुवंशी के शिव आराधना से आयोजन स्थल दशहरा मैदान उपस्थित श्रोताओं के जय घोष से गुंजायमान हो गया। आनंदन शिवमणि शंखनाद कर ढोलक, तबला, ड्रम व अन्य परकशन इंस्ट्रूमेंट्स बजाकर प्रस्तुति दी। इसके बाद भजन गायक हंसराज रघुवंशी ने शिव भजन की प्रस्तुति दी।
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