Health tips : इस समय सबसे ज्यादा खतरनाक वायरस इन्फ्लूएंजा b, राइनोवायरस और मेटान्यूमोवायरस है, जो हमारे आसपास के पर्यावरण में घूम रहे हैं. समस्या का एक सिरा यहीं है.
Parenting Tips: आज हम आपको बच्चे से जुड़ी कुछ ऐसी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके बारे में हर पैरेंट को पता जरूर होना चाहिए. इन बातों को जानकार आप अपने बच्चे को एक सफल इंसान बना सकते हैं.The post Parenting Tips: कहीं आप भी अपने बच्चे की इन बातों से तो नहीं हैं अनजान? बेहतर इंसान बनाने के लिए जरूर जानें appeared first on Prabhat Khabar.
प्रदेश सरकार के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह के खिलाफ जबलपुर हाईकोर्ट में मंगलवार को याचिका दायर की गई है। याचिका ओबीसी एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने लगाई है। जिसमें नर्सिंग मामले में सुनवाई के लिए अलग से 3 करोड़ रुपए लेने का आरोप लगाया है। साथ ही कई अन्य आरोप भी लगाए गए हैं। इस मामले पर अब 4 अप्रैल को सुनवाई होगी। प्रति पेशी 5 लाख रुपए का भुगतानयाचिका में कहा गया कि महाधिवक्ता को राज्य निधि से न्यायाधीशों के बराबर वेतन दिया जाता है। इसके बावजूद महाधिवक्ता प्रशांत सिंह एवं उनकी टीम ने सरकार के कई विभागों से पैरवी के नाम पर भारी भरकम राशि वसूल की है। महाधिवक्ता को प्रति पेशी 5 लाख रुपए तक का भुगतान किया गया है। यह भी बताया कि केवल नर्सिंग काउंसिल और मेडिकल विश्वविद्यालय से ही ढाई करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया है। जबकि मध्य प्रदेश सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि सरकार के विधि अधिकारियों को शासकीय प्रकरणों में पैरवी के लिए वेतन के अलावा पृथक से राशि देय नहीं होगी। महाधिवक्ता ने अपने पद एवं पावर का दुरुपयोग कर सरकारी विभागों सहित निगम मंडलों से पैरवी तथा अभिमत के नाम पर व्यापक पैमाने पर राशि वसूल की है। विधि अधिकारियों की नियुक्ति में भाई-भतीजावाद महाधिवक्ता कार्यालय में विधि अधिकारियों की नियुक्तियों में भाई-भतीजावाद का आरोप भी लगाया गया है। कहा गया कि मौजूदा विधि अधिकारियों में ओबीसी, एससी, एसटी और महिलाओं का समुचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित नहीं कराया है। विधि अधिकारियों की नियुक्ति में महाधिवक्ता की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और उन्हीं की अनुशंसा पर नियुक्तियां की जाती है। जांच कर कार्रवाई की मांग याचिकाकर्ता ओबीसी एडवोकेट वेल्फेयर एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता विनायक प्रसाद शाह एवं उदय कुमार ने याचिका दायर कर महाधिवक्ता के विरुद्ध अधिकार पृक्षा (क्योवररेंटों) रिट जारी करने तथा आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा 6 के तहत आपराधिक मामला दर्ज करने की राहत सहित हाई पावर कमेटी गठित कर महाधिवक्ता के कार्यकाल की सूक्ष्मता से जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है। पहली सुनवाई शुक्रवार 4 अप्रैल 2025 को होगी।
Indian News 20 द्वारा इस दिन पोस्ट की गई रविवार, 13 दिसंबर 2020
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