Unlimited Data Plan Controversy: एक कंपनी को अनलिमिटेड डेटा वाला प्लान भारी पड़ गया. एक यूजर ने अनलिमिटेड डेटा वाले प्लान में 281 GB डेटा इस्तेमाल किया. इसके बाद कंपनी ने यूजर के अकाउंट को ही बंद कर दिया. आइए आपको इसके बारे में बताते हैं.
Aaj Ka Rashifal 16 March 2025: मशहूर ज्योतिष आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए राशि के अनुसार आपका दिन कैसा रहेगा और किन उपायों से इसे आप बेहतर कर सकते हैं। साथ ही जानिए आज आपके लिए लकी रंग और लकी नंबर कौन से होंगे।
अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (अंसल एपीआई) ने आगरा में भी खरीदारों के साथ ही नहीं, बल्कि आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) के साथ भी धोखा किया था। कंपनी ने आंतरिक विकास के लिए बंधक रखे जाने वाले ऐसे भूखंडों को चिह्नित किया था जिनका स्वामित्व तक अंसल ग्रुप के पास नहीं था। योजना में आंतरिक विकास के नाम पर भी कोई काम भी नहीं किया। हालांकि इस मामले में ADA ने कंपनी के खिलाफ थाना लोहामंडी में मुकदमा दर्ज करा दिया है। लखनऊ में कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर अंसल ग्रुप की गई जांच की जा रही है। इस तरह ADA को किया गुमराहADA के मुताबिक अंसल ग्रुप ने ADA से 477.5 एकड़ भूमि की योजना का मानचित्र स्वीकृत कराया था, लेकिन कंपनी के पास 368.59 एकड़ भूमि ही थी। टाउनशिप का लेआउट जारी करते समय लेआउट पर योजना की 25 प्रतिशत भूमि बंधक रखने को चिह्नित की गई। जो भूमि बंधक रखने के लिए चिह्नित की गई थी, उस भूमि का स्वामित्व अंसल के पास नहीं था। ADA के पास भूमि बंधक रखने को उसने बंधक पत्र भी निष्पादित नहीं कराया। योजना में भूखंडों के अनुपात में शासनादेश के अनुसार EWS और LIG भवनों का निर्माण नहीं किया गया। अंसल एपीआइ ने इंफ्रास्ट्रक्चर को सड़क, पार्क, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, विद्युत सब स्टेशन के पूर्ण रूप से विकसित नहीं किया। RC भी जारी हो चुकी हैंADA ने अंसल ग्रुप के खिलाफ RC भी जारी की थी। कंपनी को सिटी डेवलपमेंट प्लान के तहत करीब 4.33 करोड़ रुपये प्राधिकरण में जमा कराने थे, लेकिन यह धनराशि भी जमा नहीं कराई गई। ADA ने कई बार नोटिस जारी किए थे, लेकिन नोटिसों का जवाब नहीं मिला। इस पर ADA ने कंपनी के खिलाफ 4.33 करोड़ रुपये की RC भी जारी की थी।अंसल एपीआई के खिलाफ लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसके साथ ही शासन ने अन्य शहरों में भी अंसल एपीआई के प्रोजेक्टस की जांच के निर्देश दिए गए थे। आगरा में अंसल एपीआई ने सुशांत सिटी के नाम से 2008-09 में इंटीग्रेटेड टाउनशिप बनाने को पंजीकरण कराया था। इसके लिए कंपनी ने पनवारी, सदरवन आदि गांवों में करीब 477 एकड़ भूमि की खरीद का दावा किया था। 17 साल से भटक रहे लोगADA ने जांच के बाद अंसल एपीआई के प्रमोटर्स प्रणव अंसल, सुशील अंसल, उपाध्यक्ष विनय यादव सहित कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। ADA के टाउन प्लानर प्रभात कुमार पॉल की तरफ से तहरीर दी गई थी। इससे पहले कंपनी के खिलाफ कई खरीदार मुकदमा दर्ज करा चुके हैं। पिछले करीब 17 वर्ष से लोग भटक रहे हैं। जिन्होंने यहां भूखंड खरीदे हैं न तो योजना विकसित नहीं हुई और न ही उन्हें भवन और भूखंडों का कब्जा मिला
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